पेंशनरों की बल्ले-बल्ले: ‘संपन्न’ पोर्टल डिजीलॉकर से जुड़ा, अब घर बैठे मिलेंगे पेंशन दस्तावेज।

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बुधवार को पेंशनरों की सुविधा के लिए एक बड़ा तकनीकी सुधार किया है। दूरसंचार विभाग के पेंशनरों के लिए समर्पित ‘संपन्न’ (SAMPANN) पोर्टल को अब आधिकारिक तौर पर डिजीलॉकर के साथ एकीकृत (इंटीग्रेट) कर दिया गया है। इस कदम का सीधा उद्देश्य पेंशन प्रक्रिया को अधिक सुगम, सुरक्षित और पूरी तरह कागजरहित बनाना है।

क्या है यह नई व्यवस्था?

कंट्रोलर जनरल ऑफ कम्युनिकेशन अकाउंट्स के कार्यालय द्वारा विकसित इस पोर्टल के डिजीलॉकर से जुड़ने के बाद अब पेंशनर अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर के जरिए कहीं भी और कभी भी जरूरी दस्तावेज एक्सेस कर सकेंगे। इस सफल इंटीग्रेशन की जानकारी दूरसंचार विभाग के सभी पेंशनरों को भेज दी गई है।

पेंशनरों को मिलने वाले प्रमुख लाभ:

  • दस्तावेजों की आसान उपलब्धता: अब ई-पेंशन पेमेंट ऑर्डर (ई-पीपीओ), ग्रेच्युटी पेमेंट ऑर्डर और कम्यूटेशन स्वीकृति आदेश जैसे अहम दस्तावेज सीधे ऑनलाइन उपलब्ध होंगे।

  • सीधा डिजीलॉकर में सेव: पेंशनर अपने फॉर्म-16 और अन्य रिकॉर्ड्स को सीधे डिजीलॉकर अकाउंट में प्राप्त कर सकेंगे, जिससे दस्तावेजों के खोने का डर खत्म हो जाएगा।

  • कागजी बाधाओं से मुक्ति: बैंकिंग कार्यों या मेडिकल रिइंबर्समेंट (चिकित्सा प्रतिपूर्ति) के लिए अब भौतिक दस्तावेजों की अनिवार्यता कम होगी।

एक क्लिक पर मिलेगी हर जानकारी

पेंशनरों को अब पोर्टल की प्रत्येक सर्विस कैटेगरी में सिर्फ अपना पीपीओ नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद ‘गेट डॉक्यूमेंट’ पर क्लिक करते ही सिस्टम अपने आप पेंशन सर्टिफिकेट या कम्यूटेशन पेमेंट ऑर्डर जैसे दस्तावेज तैयार कर देगा। यह प्रक्रिया न केवल समय बचाएगी बल्कि पेंशनरों को डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर भी बनाएगी।

प्रशासनिक दृष्टिकोण और भविष्य

दिल्ली के प्रधान संचार लेखा नियंत्रक आशीष जोशी के अनुसार, इस पहल से दिल्ली-एनसीआर सहित देशभर के पेंशनरों का समय और पैसा दोनों बचेगा। उन्होंने इसे सरकार के ‘पेपरलेस गवर्नेंस’ के लक्ष्य की ओर एक बड़ा कदम बताया है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 दिसंबर 2018 को ‘संपन्न’ पोर्टल राष्ट्र को समर्पित किया था। तब से यह पोर्टल पेंशन प्रक्रिया को ‘सिस्टम-केंद्रित’ से हटाकर ‘पेंशनर-केंद्रित’ बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। अब आवेदन से लेकर शिकायत निवारण और ऑडिट तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो चुकी है।


कैसे उठाएं लाभ: आसान स्टेप्स

  1. सबसे पहले डिजीलॉकर की वेबसाइट (digilocker.gov.in) पर जाएं।

  2. अपने आधार कार्ड के माध्यम से लॉगिन करें।

  3. अपना पीपीओ (PPO) नंबर लिंक करें।

  4. जरूरी दस्तावेज चुनें और तुरंत डाउनलोड करें।

पेंशनर-केंद्रित प्रशासन की नई मिसाल

यह नई व्यवस्था सरकार के उस विजन को दर्शाती है जिसमें प्रशासन को सिस्टम-केंद्रित होने के बजाय ‘पेंशनर-केंद्रित’ बनाने पर जोर दिया गया है। अब दूरसंचार विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों को मामूली दस्तावेजों के सत्यापन या फॉर्म-16 प्राप्त करने के लिए सरकारी कार्यालयों की लंबी लाइनों में लगने की आवश्यकता नहीं होगी। आवेदन की प्रक्रिया से लेकर ई-पेंशन पेमेंट ऑर्डर जारी करने, ऑडिट और यहाँ तक कि शिकायतों के निपटारे तक की पूरी श्रृंखला को अब एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर समेट दिया गया है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि सिस्टम में मानवीय हस्तक्षेप कम होने से भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी समाप्त होगी।

बुजुर्गों के लिए सुगम हुई जीवन की राह

तकनीक के इस समन्वय से सबसे बड़ी राहत उन बुजुर्ग पेंशनरों को मिलेगी जो स्वास्थ्य या उम्र संबंधी कारणों से यात्रा करने में असमर्थ हैं। मेडिकल रिइंबर्समेंट और बैंकिंग से जुड़े कार्यों में अक्सर ओरिजिनल पीपीओ या अन्य प्रमाणपत्रों की मांग की जाती है, जिन्हें अब स्मार्टफोन के जरिए तुरंत दिखाया या डाउनलोड किया जा सकेगा。 प्रधान संचार लेखा नियंत्रक आशीष जोशी के अनुसार, यह पहल दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे देश के पेंशनरों को डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर बनाएगी और उनके समय व धन की बचत करेगी। यह कदम डिजिटल गवर्नेंस के उस लक्ष्य को पूरा करता है जहाँ सरकारी सेवाएं सीधे नागरिकों की मुट्ठी में उपलब्ध हैं।

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