
चम्पावत – उत्तराखंड में खेलों के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में जनपद चम्पावत के लोहाघाट क्षेत्र में राज्य का पहला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज आकार ले रहा है। लगभग 237 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह भव्य संस्थान न केवल प्रदेश की खेल संरचना को मजबूत करेगा, बल्कि पहाड़ और ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाशाली बेटियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचने का अवसर भी प्रदान करेगा।
शुक्रवार को राज्य की कैबिनेट मंत्री एवं खेल मंत्री रेखा आर्या ने जिलाधिकारी मनीष कुमार के साथ छमनिया स्थित निर्माणाधीन महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और कार्यदायी संस्था एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएँ।
निरीक्षण के दौरान मंत्री रेखा आर्या ने लगभग पूर्ण हो चुके सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक को देखा, जहाँ महिला खिलाड़ी अभ्यास कर रही थीं। उन्होंने खिलाड़ियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि यह संस्थान भविष्य में उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा।
मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि लोहाघाट में बन रहा महिला स्पोर्ट्स कॉलेज आने वाले वर्षों में उत्तराखंड के लिए “खेलों का पावर हाउस” साबित होगा। यहाँ तैयार की जा रही सुविधाएँ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगी, जिससे महिला खिलाड़ियों को प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस संस्थान से प्रशिक्षित खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राज्य और देश का नाम रोशन करेंगी।
निरीक्षण के दौरान कॉलेज परिसर में प्रस्तावित और निर्माणाधीन सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। इनमें सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक, फुटबॉल ग्राउंड, एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड, वॉलीबॉल कोर्ट, बास्केटबॉल कोर्ट सहित अन्य खेल मैदान शामिल हैं। इसके साथ ही खिलाड़ियों के लिए आधुनिक छात्रावास, स्टाफ क्वार्टर, प्रशासनिक भवन और शैक्षणिक ढाँचे का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है।
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज में 300 बालिकाओं की क्षमता वाले तीन छात्रावास बनाए जा रहे हैं, ताकि दूरदराज़ और पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवास उपलब्ध हो सके। इसके अतिरिक्त मल्टीपर्पज हॉल, एडमिन ब्लॉक, एकेडमिक ब्लॉक, ऑडिटोरियम और गेस्ट हाउस जैसी सुविधाएँ भी विकसित की जा रही हैं, जिससे यह संस्थान एक पूर्ण खेल एवं शिक्षा परिसर के रूप में उभर सके।
मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक देरी या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य की बेटियों के भविष्य से जुड़ी है और इसमें कोई भी कोताही उनके सपनों को प्रभावित कर सकती है।
रेखा आर्या ने यह भी कहा कि यह महिला स्पोर्ट्स कॉलेज केवल प्रशिक्षण केंद्र नहीं होगा, बल्कि यहाँ शिक्षा, आवास और खेल अभ्यास की समग्र व्यवस्था होगी। इससे ग्रामीण, पहाड़ी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार नई योजनाएँ और अधोसंरचनाएँ विकसित कर रही है। लोहाघाट का यह स्पोर्ट्स कॉलेज उसी दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम है।
निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, सुभाष बगोली, हिमेश कलखुड़िया, जिलाधिकारी मनीष कुमार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी. एस. खाती, उपजिलाधिकारी नीतू डागर सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और इसे जनपद चम्पावत के लिए गर्व का विषय बताया।
स्थानीय लोगों का भी मानना है कि महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के शुरू होने से न केवल क्षेत्र की बेटियों को अवसर मिलेगा, बल्कि लोहाघाट और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार, खेल संस्कृति और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
कुल मिलाकर, लोहाघाट में बन रहा महिला स्पोर्ट्स कॉलेज उत्तराखंड के खेल इतिहास में एक नई इबारत लिखने की तैयारी में है। यह संस्थान आने वाले समय में प्रदेश की महिला खिलाड़ियों के सपनों को उड़ान देने वाला मजबूत मंच साबित होगा।