बागेश्वर में आधार से जुड़ी बड़ी गड़बड़ी: जुड़वा भाई-बहन को जारी हुआ एक ही आधार नंबर, डीएम के निर्देश पर कार्रवाई शुरू

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बागेश्वर -जनपद बागेश्वर के शामा क्षेत्र में जुड़वा भाई-बहन को एक ही आधार संख्या जारी होने का गंभीर मामला सामने आया है। यह प्रकरण संज्ञान में आते ही जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को आवश्यक एवं उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने इसे नागरिक पहचान से जुड़ा संवेदनशील विषय मानते हुए प्राथमिकता के आधार पर समाधान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर रोहित बहुगुणा ने जानकारी देते हुए बताया कि मामले के समाधान के लिए UIDAI के क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून से समन्वय स्थापित किया गया। इस क्रम में यूआईडीएआई के सहायक महाप्रबंधक नितेश सैनी से संपर्क कर पूरे प्रकरण की जानकारी साझा की गई।

यूआईडीएआई की ओर से बताया गया कि यह मामला मिक्स बायोमेट्रिक (Mixed Biometric) से संबंधित है, जिसमें तकनीकी कारणों से दो अलग-अलग व्यक्तियों की बायोमेट्रिक जानकारी एक ही आधार संख्या से जुड़ जाती है। ऐसे मामलों को गंभीर मानते हुए यूआईडीएआई द्वारा विशेष प्रक्रिया के तहत सुधार किया जाता है।

यूआईडीएआई के निर्देशों के अनुसार संबंधित आधार संख्या को निरस्त किए जाने की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ कर दी गई है। इसके लिए यूआईडीएआई टेक सेंटर को आवश्यक सूचना प्रेषित कर दी गई है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि लगभग एक सप्ताह के भीतर उक्त आधार संख्या को पूरी तरह निरस्त कर दिया जाएगा। इसके बाद दोनों बच्चे पुनः आधार नामांकन (एनरोलमेंट) कराकर अलग-अलग नया आधार कार्ड प्राप्त कर सकेंगे।

जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि नागरिकों की पहचान से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील कार्रवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि आम नागरिकों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े और उनकी पहचान से जुड़े अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रह सकें।

प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी के आधार कार्ड, नाम, जन्मतिथि या बायोमेट्रिक विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि दिखाई दे, तो वे बिना देरी किए नजदीकी आधार सेवा केंद्र या संबंधित प्रशासनिक कार्यालय से संपर्क करें। समय रहते सुधार कराए जाने से भविष्य में सरकारी योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक कार्यों में आने वाली दिक्कतों से बचा जा सकता है। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस प्रकार के तकनीकी मामलों में नागरिकों को पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा और उनकी समस्याओं का समाधान नियमानुसार शीघ्र किया जाएगा।
इसके साथ ही प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि आधार से जुड़ी किसी भी त्रुटि का समाधान पूरी तरह नियमों और तकनीकी प्रक्रिया के तहत किया जाता है। नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि ऐसे मामलों में किसी प्रकार का जुर्माना या कानूनी परेशानी नहीं होती। जिला प्रशासन और यूआईडीएआई की संयुक्त कार्रवाई का उद्देश्य केवल सही पहचान सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य में संबंधित व्यक्ति को सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं या अन्य आवश्यक कार्यों में किसी भी तरह की बाधा का सामना न करना पड़े।

यहां यह जानना भी जरूरी है कि यूआईडी (UID) का अर्थ यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर होता है, जिसे आमतौर पर आधार संख्या कहा जाता है। भारत में यह 12 अंकों की एक विशिष्ट पहचान संख्या होती है, जिसे UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) द्वारा जारी किया जाता है। आधार संख्या व्यक्ति की पहचान प्रमाणित करने के लिए होती है और यह नाम, जन्मतिथि, पता व बायोमेट्रिक जानकारी (फिंगरप्रिंट, आईरिस) से जुड़ी रहती है। किसी भी तकनीकी त्रुटि जैसे मिक्स बायोमेट्रिक की स्थिति में यूआईडीएआई नियमानुसार पुराने आधार को निरस्त कर नया आधार जारी करता है, जिससे पहचान की शुद्धता बनी रहती है और नागरिकों के अधिकार सुरक्षित रहते हैं।

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