
चम्पावत – ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम — मुख्यमंत्री धामी ने पुनर्जीवित की सप्तेश्वर जल विद्युत परियोजना
सीमांत जनपद चम्पावत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा की घोषणा संख्या 667/2024 “सप्तेश्वर पावर हाउस को पुनर्जीवित” अब मूर्त रूप ले चुकी है।
मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने उरेडा (उत्तराखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी) द्वारा संचालित इस महत्वपूर्ण परियोजना के पुनरुद्धार के लिए कुल 119.97 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है, जिसमें सिविल कार्य, इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल अपग्रेडेशन तथा विद्युत पारेषण लाइन के सुदृढ़ीकरण शामिल हैं।
कुल स्वीकृत धनराशि में से 71.982 लाख रुपये प्रथम किस्त के रूप में जारी कर दिए गए हैं, जिससे लंबे समय से पुनर्जीवन की प्रतीक्षा कर रही यह परियोजना अब तेज़ी से क्रियान्वयन की ओर बढ़ सकेगी।
चम्पावत मुख्यालय से लगभग 20 किमी दूर स्थित सप्तेश्वर जल विद्युत परियोजना के पुनरुद्धार से स्थानीय स्तर पर स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय बनेगी, सीमांत क्षेत्रों में ऊर्जा अवसंरचना सुदृढ़ होगी और जनपद ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाएगा।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि “जनपद में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने और सीमांत क्षेत्रों के सतत विकास को गति देने की दिशा में यह अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्रशंसनीय निर्णय है, इससे स्थानीय ऊर्जा आपूर्ति और अवसंरचना में व्यापक सुधार सुनिश्चित होगा।”
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय चम्पावत को ‘आदर्श जनपद 2030’ के लक्ष्य की ओर और अधिक दृढ़ता व गति के साथ अग्रसर करेगा।