
सार-कीमती धातुओं के बाजार में शुक्रवार को ऐसा जबरदस्त भूचाल देखने को मिला, जिसने निवेशकों और आम लोगों—दोनों को चौंका दिया। चांदी ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए इतिहास रच दिया और पहली बार इसकी कीमत ₹2 लाख प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई। वहीं सोना भी पीछे नहीं रहा और तेज उछाल के साथ नई ऊंचाइयों को छूता नजर आया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गोल्ड और सिल्वर दोनों ने ऑल-टाइम हाई का स्तर दर्ज किया, जिससे पूरे बुलियन बाजार में हलचल मच गई।
इस रिकॉर्डतोड़ तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में की गई कटौती मानी जा रही है। ब्याज दरें घटते ही वैश्विक बाजारों में डॉलर कमजोर हुआ और निवेशकों ने शेयर बाजार से निकलकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया। इसका सीधा फायदा सोना और चांदी को मिला। लगातार दूसरे दिन कीमती धातुओं में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जिससे दाम आसमान छूने लगे।
MCX पर फरवरी 2026 एक्सपायरी वाला सोना ₹1.34 लाख प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं मार्च 2026 एक्सपायरी वाली चांदी ने ₹2 लाख प्रति किलो का मनोवैज्ञानिक स्तर तोड़ते हुए नया इतिहास लिख दिया। जानकारों के मुताबिक औद्योगिक मांग, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी ने भी चांदी की कीमतों को रॉकेट की रफ्तार दी है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के रेट्स पर भी यही तस्वीर देखने को मिली। यहां भी सोना-चांदी दोनों ने ऑल-टाइम हाई बनाया। खास बात यह है कि पिछले एक महीने में ही चांदी की कीमतों में ₹36 हजार से ज्यादा का उछाल आ चुका है, जबकि सोना भी ₹7 हजार से ज्यादा महंगा हो गया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले समय में सोना-चांदी और नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं, जिससे निवेशकों के लिए यह दौर बेहद अहम साबित हो सकता है।