
नैनीताल: कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने रसोई गैस की वर्तमान आपूर्ति स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने इस दौरान अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ लोग रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर अनावश्यक रूप से घबराहट में आ सकते हैं। साथ ही, असामाजिक तत्व इस स्थिति का लाभ उठाकर गैस की जमाखोरी कर सकते हैं और इसे ऊंचे दामों पर बेचने का प्रयास कर सकते हैं।
इस प्रकार की कालाबाजारी और अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से, कमिश्नर ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ), जिलाधिकारियों (डीएम) और विशेष रूप से कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन), जो क्षेत्र में गैस की आपूर्ति व्यवस्था देख रहा है, को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासन द्वारा रसोई गैस की सुचारू आपूर्ति और कालाबाजारी रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इनमें गोदामों से निकलने वाले रसोई गैस के स्टॉक का कड़ाई से मिलान और उसकी निगरानी शामिल है। इसके अतिरिक्त, ठेकेदारों या निगम की आपूर्ति गाड़ियों के मार्ग (रूट) और उनके रुकने के समय पर जीपीएस के माध्यम से लगातार नजर रखी जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गैस सिलेंडर कहीं अवैध रूप से डायवर्ट न हों या उन्हें कहीं गैरकानूनी तरीके से रिफिल न किया जाए।
उन अवैध ऑपरेटरों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उन पर छापेमारी की जाएगी, जो बिना वैध गैस कनेक्शन वाले व्यक्तियों को छोटे सिलेंडरों में गैस भरकर अवैध रूप से बेच रहे हैं। सभी गैस गोदामों को यह भी सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं कि उनके सीसीटीवी कैमरे हर समय चालू (एक्टिव) मोड में रहें ताकि समस्त गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
कमिश्नर रावत ने मीडिया के माध्यम से आम जनता से शांति बनाए रखने और रसोई गैस को लेकर किसी भी प्रकार की घबराहट (पैनिक) से बचने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रसोई गैस एक आवश्यक वस्तु की आपूर्ति है और सरकार यह पूरी तरह से सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सभी उपभोक्ताओं को निर्धारित समय पर गैस उपलब्ध हो।