
चम्पावत: प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
बैठक में जिलाधिकारी ने मिशन के प्रथम, द्वितीय और तृतीय चरण के अंतर्गत प्रस्तावित मंदिरों में बुनियादी सुविधाओं के विकास तथा अवस्थापना संबंधी कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।
इस दौरान, जिलाधिकारी ने प्रथम चरण में शामिल प्रमुख मंदिरों— पाताल रुद्रेश्वर गुफा, पूर्णागिरि मंदिर, बाराही मंदिर (देवीधुरा) और बालेश्वर मंदिर— में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का गहनता से जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों से अब तक हुए कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन पौराणिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मार्ग सुदृढ़ीकरण, स्वच्छता और पार्किंग जैसी आवश्यक सुविधाओं के कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।
जिलाधिकारी ने द्वितीय चरण के प्रस्तावित मंदिरों— गोल्ज्यू मंदिर, रीठा मीठा साहिब और देवीधार मंदिर— तथा तृतीय चरण के गोरखनाथ मंदिर एवं मानेश्वर मंदिर के विकास हेतु भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दूरगामी योजना पर व्यापक चर्चा की।
द्वितीय और तृतीय चरणों की विकास योजना तैयार करने से पूर्व, जिलाधिकारी ने विभिन्न क्षेत्रों से आए हितधारकों और मंदिर समितियों के प्रतिनिधियों के साथ एक विस्तृत संवाद सत्र आयोजित किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से इन मंदिरों की पौराणिक महत्ता, भौगोलिक स्थिति और आवश्यक जन-सुविधाओं के संबंध में बहुमूल्य सुझाव और आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
जनपदवासियों से अपील करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि चम्पावत में अनेक पौराणिक और लोक आस्था के केंद्र ऐसे हैं जो अभी तक मुख्यधारा में शामिल नहीं हो पाए हैं। उन्होंने आम जनता से आग्रह किया कि यदि उनके पास ऐसे किसी प्राचीन मंदिर या स्थल से संबंधित जानकारी है, तो वह उसका विवरण जिला प्रशासन चम्पावत को उपलब्ध कराएं। इससे इन स्थलों को ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के आगामी चरणों की कार्ययोजना में शामिल करने पर विचार किया जा सकेगा।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि चिन्हित मंदिरों से संबंधित भूमि संबंधी सभी औपचारिकताओं को तत्काल पूर्ण किया जाए, जिससे निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य लक्ष्य प्रत्येक प्रमुख मंदिर तक श्रद्धालुओं के लिए सुगम पहुँच सुनिश्चित करना और उन्हें उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, उपजिलाधिकारी सदर अनुराग आर्या, उपजिलाधिकारी लोहाघाट नीतू डांगर, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत कमलेश सिंह बिष्ट, जिला पर्यटन विकास अधिकारी लता बिष्ट, अधिशाषी अभियंता (लोक निर्माण विभाग चम्पावत व लोहाघाट) मोहन पलड़िया एवं हितेश कांडपाल, एसडीओ वन विभाग सुनील कुमार समेत विभिन्न मंदिर समितियों के प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।