नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान के तहत बागेश्वर में मेडिकल स्टोरों पर सख्त कार्रवाई

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बागेश्वर – जिलाधिकारी  से प्राप्त निर्देशों के क्रम में दिनांक 12 जनवरी 2026 को जनपद बागेश्वर में “नशा मुक्त उत्तराखंड” अभियान के अंतर्गत अमानक (NSQ) एवं नकली (Spurious) दवाओं की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य जनपद में दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और नशीली एवं अवैध औषधियों के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाना रहा।

अभियान के तहत औषधि निरीक्षक पूजा रानी द्वारा जनपद के विभिन्न मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोरों में वैध लाइसेंस की उपलब्धता, पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति में औषधियों का क्रय-विक्रय, सीसीटीवी कैमरों की स्थापना व रिकॉर्डिंग व्यवस्था, तथा एक्सपायरी दवाओं के पृथक और सुरक्षित रखरखाव की गहन जांच की गई।

इसके साथ ही मनः प्रभावी औषधियों (Psychotropic Drugs) के क्रय-विक्रय से संबंधित अभिलेखों और बिलों का निरीक्षण किया गया। औषधि निरीक्षक ने यह भी निर्देश दिए कि नारकोटिक एवं नियंत्रित औषधियों का वितरण केवल वैध चिकित्सकीय पर्चे के आधार पर ही किया जाए, ताकि इनके दुरुपयोग की किसी भी संभावना को रोका जा सके।

निरीक्षण के दौरान 03 मेडिकल स्टोरों में लाइसेंस शर्तों से संबंधित कुछ अनियमितताएं पाई गईं। संबंधित फर्मों को 07 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समयसीमा में संतोषजनक स्पष्टीकरण या अनुपालन नहीं किया गया, तो औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 के अंतर्गत संबंधित लाइसेंस के निलंबन की संस्तुति की जाएगी। इसके अतिरिक्त 04 औषधियों के नमूने राज्य औषधि विश्लेषण शाला को जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि उनकी गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच की जा सके।

औषधि निरीक्षक ने बताया कि अमानक एवं नकली दवाओं की रोकथाम औषधि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसी दवाएं न केवल मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र और दवाओं पर जनता के विश्वास को भी कमजोर करती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित में इस प्रकार की प्रवर्तन कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

इस कार्रवाई का सीधा लाभ आम मरीजों और उनके परिवारों को मिलेगा। नकली या घटिया दवाओं की बिक्री पर रोक लगने से लोगों को सुरक्षित और मानक दवाएं मिलेंगी, जिससे इलाज के दौरान स्वास्थ्य से जुड़े जोखिम कम होंगे। इससे आम नागरिक को यह भरोसा भी मिलेगा कि मेडिकल स्टोरों पर बिकने वाली दवाएं जांची-परखी और सुरक्षित हैं।

आगे क्या बदलेगा?

प्रशासन के अनुसार इस अभियान को आगे भी नियमित रूप से चलाया जाएगा। आने वाले दिनों में और अधिक मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया जा सकता है और जिन दुकानों में खामियां पाई जाएंगी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दवाओं के नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद, यदि कोई दवा अमानक पाई जाती है तो संबंधित सप्लाई चैन पर भी कार्रवाई संभव है।

जनता पर क्या असर पड़ेगा?

इस तरह की सख्त कार्रवाई से जनपद में दवा कारोबार में अनुशासन बढ़ेगा और अवैध व नशीली दवाओं के नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगेगी। इससे युवाओं को नशे की लत से बचाने में मदद मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता मजबूत होगी। कुल मिलाकर, यह अभियान जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और समाज को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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