धामी की विधानसभा होने से चमक रहा चंपावत, पांच साल में विकास कार्यों ने पकड़ी रफ्तार

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चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधानसभा क्षेत्र चंपावत में विकास कार्यों की गति अब साफ दिखाई देने लगी है। वर्ष 2022 में चंपावत की जनता ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भारी समर्थन देकर विधानसभा भेजा था। इसके बाद से जिले को आदर्श और मॉडल जनपद के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार काम आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने चंपावत को लेकर जिस विकास संकल्प को सामने रखा था, उसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, पेयजल, सड़क, खेल, धार्मिक स्थलों और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी कई योजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। कई कार्य धरातल पर उतर चुके हैं, जबकि कई बड़े प्रोजेक्ट निर्माणाधीन हैं।

शिक्षा और खेल सुविधाओं को मिल रही नई पहचान

चंपावत जिले में शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। राजकीय महाविद्यालय लोहाघाट में महिला छात्रावास के निर्माण के लिए 4.23 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। चंपावत में केंद्रीय पुस्तकालय, परिसर की चारदीवारी और मिनी स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्माण के लिए 20.46 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

जिले के 100 सरकारी विद्यालयों का रूपांतरण भी किया जा रहा है। इसके लिए 90 लाख रुपये की धनराशि से कार्य प्रगति पर है। इन प्रयासों से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिलने की उम्मीद है।

लोहाघाट में बन रहा राज्य का पहला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज

चंपावत के लोहाघाट में राज्य का पहला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज बनाया जा रहा है। लगभग 237 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट जिले के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इसमें प्रशासनिक भवन, एकेडमिक ब्लॉक, मल्टीपर्पज हॉल, ऑडिटोरियम, इंडोर स्टेडियम और अन्य आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

इस कॉलेज के बनने से चंपावत सहित प्रदेश की बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे। स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलने से जिले की पहचान खेल क्षेत्र में भी मजबूत हो सकती है।

पर्यटन विकास पर विशेष फोकस

चंपावत को पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने के लिए भी कई योजनाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं। 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन योजना के तहत चंपावत नगर में हिमालय इको पार्क का निर्माण किया जा रहा है। वहीं पूर्णागिरि और लोहाघाट क्षेत्र में भी पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर कार्य चल रहा है।

पूर्णागिरि क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए अवस्थापना कार्य किए जा रहे हैं। लोहाघाट के एबटमाउंट क्षेत्र और अन्य पर्यटन स्थलों के विकास से आने वाले समय में जिले में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम

स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए टनकपुर में 50 बेड वाले आयुष चिकित्सालय के भवन निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 19.81 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। इससे सीमांत और मैदानी क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ प्रशासनिक और सार्वजनिक सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि आम जनता को स्थानीय स्तर पर बेहतर सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

आस्था और धार्मिक पर्यटन को भी मिल रहा बढ़ावा

मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास और सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पाताल रुद्रेश्वर, हिंगला देवी, देवीधुरा और अन्य धार्मिक स्थलों पर अवस्थापना सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इन कार्यों से धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। चंपावत की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

साइंस सेंटर और शारदा कॉरिडोर जैसे बड़े प्रोजेक्ट

जिला मुख्यालय चंपावत में साइंस सेंटर का निर्माण भी प्रस्तावित है। इस पर करीब 57 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। साइंस सेंटर में आधुनिक प्रयोगशालाएं, एग्जिबिशन गैलरी, थ्रीडी थियेटर और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी।

इसके अलावा शारदा कॉरिडोर का निर्माण भी जिले की बड़ी योजनाओं में शामिल है। टनकपुर क्षेत्र में शारदा कॉरिडोर बनने से धार्मिक, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

बुनियादी सुविधाओं के लिए कई योजनाएं प्रगति पर

जिले में पेयजल, सड़क सुरक्षा, पार्किंग, पुल निर्माण, सीवरेज और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कई कार्य किए जा रहे हैं। डिप्टेश्वर झील निर्माण, टनकपुर में इंटीग्रेटेड क्राफ्ट मैनेजमेंट सेंटर, नायकगोठ क्षेत्र में इंटरसेप्टर सीवरेज योजना और पुलों के निर्माण जैसे कार्य चंपावत के विकास में अहम भूमिका निभाएंगे।

इन योजनाओं का उद्देश्य चंपावत में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं देना और जिले को योजनाबद्ध विकास की दिशा में आगे बढ़ाना है।

188 से अधिक घोषणाओं पर काम से बदली उम्मीदें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा चंपावत के लिए की गई 188 से अधिक घोषणाओं और विभिन्न योजनाओं पर काम होने से जिले के लोगों में विकास को लेकर नई उम्मीद जगी है। शिक्षा से लेकर खेल, पर्यटन से लेकर स्वास्थ्य और धार्मिक स्थलों से लेकर आधारभूत ढांचे तक, हर क्षेत्र में काम आगे बढ़ रहा है।

चंपावत को मॉडल जनपद बनाने का लक्ष्य अब योजनाओं और निर्माण कार्यों के रूप में धरातल पर दिखाई देने लगा है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं के पूरा होने से चंपावत की तस्वीर और तेजी से बदल सकती है।