
चम्पावत – जनपद चम्पावत में सड़क अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में चल रहे कार्यों की समीक्षा के लिए उत्तराखण्ड शासन के सचिव, लोक निर्माण विभाग डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय ने क्षेत्र का भ्रमण कर राष्ट्रीय राजमार्ग-09 (एनएच-09) चम्पावत बाईपास सहित अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एनएच-09 चम्पावत बाईपास पर विशेष ध्यान
सचिव ने एनएच-09 चम्पावत बाईपास परियोजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्माण की वर्तमान स्थिति, संसाधनों की उपलब्धता और कार्य में आ रही संभावित चुनौतियों के बारे में जानकारी ली। परियोजना में तेजी लाने के लिए उन्होंने आवश्यक संसाधनों और कार्यबल की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण हो सके।
उन्होंने विशेष रूप से पेड़ कटान की प्रक्रिया और प्रभावित परिवारों को मुआवजा वितरण की कार्यवाही में तेजी लाने को कहा। सचिव ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी बाधा परियोजना की प्रगति में रुकावट नहीं बननी चाहिए। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
स्वाला क्षेत्र में सड़क सुधार कार्यों का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान डॉ. पाण्डेय ने स्वाला क्षेत्र में चल रहे सड़क सुधार एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग प्रखंड को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं।
सचिव ने प्रतिदिन मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक सप्ताह प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि नियमित समीक्षा से कार्यों में पारदर्शिता और गति दोनों बनी रहती हैं।
यातायात व्यवस्था पर भी जोर
निर्माण कार्यों के दौरान आम जनता को होने वाली असुविधा को ध्यान में रखते हुए सचिव ने वैकल्पिक मार्गों के उपयोग की संभावनाओं पर विचार करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि यातायात सुचारू रखने के लिए प्रभावी योजना बनाई जाए, जिससे स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को न्यूनतम परेशानी हो।
एसएच-108: धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मार्ग
सचिव लोक निर्माण विभाग ने टनकपुर से पूर्णागिरि मंदिर तक राज्य मार्ग संख्या-108 (एसएच-108) पर चल रहे निर्माण और सुदृढ़ीकरण कार्यों का भी निरीक्षण किया। यह मार्ग धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि पूर्णागिरि मंदिर में वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस मार्ग पर कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण सड़क निर्माण में तकनीकी चुनौतियां आती हैं, इसलिए टिकाऊ और सुरक्षित निर्माण सुनिश्चित करना आवश्यक है।
पर्वतीय क्षेत्रों में मजबूत सड़क नेटवर्क की आवश्यकता
डॉ. पाण्डेय ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता सुरक्षित, सुगम और टिकाऊ सड़क नेटवर्क विकसित करना है, विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में। बेहतर सड़क संपर्क न केवल स्थानीय लोगों की दैनिक जरूरतों को आसान बनाता है, बल्कि पर्यटन, व्यापार और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि सड़क अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण से क्षेत्रीय विकास को गति मिलती है और ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में सहायता मिलती है।
अधिकारियों की उपस्थिति
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी अनुराग आर्या, अधिशासी अभियंता दीपक जोशी सहित लोक निर्माण विभाग के अन्य अधिकारी और कार्मिक उपस्थित रहे। सचिव ने सभी अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करने और परियोजनाओं को समय पर पूर्ण करने का निर्देश दिया।
निष्कर्ष
चम्पावत में एनएच-09 बाईपास और एसएच-108 जैसे महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का निरीक्षण यह संकेत देता है कि राज्य सरकार सड़क अवसंरचना विकास को लेकर गंभीर है। संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने, मुआवजा प्रक्रिया में तेजी लाने और नियमित मॉनिटरिंग जैसे निर्देशों से स्पष्ट है कि परियोजनाओं को गति देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पर्वतीय क्षेत्रों में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण न केवल यातायात सुविधा को बेहतर बनाएगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा देगा।