
चम्पावत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनपद चम्पावत को आस्था, पर्यटन और खेल के एकीकृत केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
जनपद चम्पावत में बहुप्रतीक्षित ‘गोलू देवता कॉरिडोर (जोन-ए)’ के प्रथम चरण के लिए मुख्यमंत्री धामी ने ₹117.22 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति जनपद में विकास को गति प्रदान करेगी।
नियोजन विभाग की संस्तुति के उपरांत मिली इस स्वीकृति से ‘गोल्ज्यू मंदिर’ क्षेत्र एक सुव्यवस्थित एवं आकर्षक कॉरिडोर के रूप में विकसित होगा। लगभग ₹254 करोड़ की कुल अनुमानित लागत वाली इस व्यापक परियोजना में मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण एवं संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण, श्रद्धालुओं के लिए सुगम आवागमन मार्ग, समुचित पार्किंग व्यवस्था, पेयजल, आधुनिक प्रकाश सुविधाएं, सांस्कृतिक थीम आधारित प्रवेश द्वार तथा स्थानीय हस्तशिल्प एवं पारंपरिक उत्पादों के लिए व्यवस्थित विक्रय स्थल विकसित किए जाएंगे। इससे धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ आधार प्राप्त होगा।
इसी परियोजना के अंतर्गत अत्याधुनिक बहुउद्देशीय स्टेडियम प्रस्तावित है। इसमें एथलेटिक्स ट्रैक, बहु-खेल मैदान, दर्शक दीर्घा (पवेलियन), खिलाड़ियों के लिए चेंजिंग रूम एवं प्रशिक्षण कक्ष तथा आधुनिक प्रकाश व्यवस्था का विकास होगा। इससे क्षेत्र के युवाओं को उच्च स्तरीय खेल सुविधाएं मिलेंगी और राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन की संभावनाएं सशक्त होंगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चम्पावत को एक प्रमुख आस्था एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। ‘गोलू देवता कॉरिडोर’ परियोजना से क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।