
चम्पावत: जनपद चम्पावत में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह विधिक आयोजन जिला जज एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चम्पावत अनुज कुमार संगल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इसके साथ ही सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चम्पावत भवदीप रावते के दिशा-निर्देशन में जिला न्यायालय परिसर चम्पावत और बाह्य न्यायालय टनकपुर में अदालती कार्यवाही संचालित की गई।
इस आयोजन में जिला बार संघ चम्पावत और तहसील बार संघ टनकपुर के अधिवक्ता, नामित सदस्य, पैनल अधिवक्ता और विभिन्न बैंक संस्थानों के अधिकारी सम्मिलित हुए। लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति और सुलह-समझौते के आधार पर विभिन्न श्रेणियों के वादों का त्वरित और विधिक निस्तारण किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में आम जनमानस ने उपस्थित होकर अपने मामलों का समाधान किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के संचालन के लिए गठित प्रथम पीठ में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, चम्पावत द्वारा जिला न्यायालय चम्पावत में कुल 25 लंबित वादों का निस्तारण किया गया। इन वादों के निस्तारण के साथ ही 2,12,66,242 रुपये की धनराशि का सेटलमेंट कराया गया। वहीं, द्वितीय पीठ में सिविल जज जूनियर डिवीजन, टनकपुर न्यायालय द्वारा कुल 24 लंबित वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें 5,04,400 रुपये की धनराशि का सेटलमेंट हुआ।
लंबित वादों की श्रेणी में इस प्रकार कुल 49 मामलों का निस्तारण करते हुए कुल 2,17,70,642 रुपये की धनराशि के समझौते कराए गए। इसके अतिरिक्त जनपद के समस्त न्यायालयों में प्री-लिटिगेशन स्तर पर भी कार्यवाही की गई। प्री-लिटिगेशन के अंतर्गत मनी रिकवरी से संबंधित कुल 25 वादों का निस्तारण किया गया, जिनमें 25,47,470 रुपये की धनराशि का सेटलमेंट संपन्न हुआ।
जनपद के न्यायालयों द्वारा आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत और प्री-लिटिगेशन के मामलों को मिलाकर कुल 74 वादों का निस्तारण किया गया। इन सभी मामलों में कुल मिलाकर 2,43,18,112 रुपये की धनराशि का सेटलमेंट कराया गया।
इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय प्रणाली को सुलभ, त्वरित और कम खर्चीला बनाने की दिशा में एक माध्यम है। इसके द्वारा पक्षकार आपसी सहमति से अपने कानूनी विवादों का समाधान प्राप्त कर समय और धन की बचत कर सकते हैं। साथ ही यह प्रक्रिया न्यायालयों में लंबित वादों के भार को कम करने में सहायता प्रदान करती है।