चंपावत में 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत: लंबित विवादों के समाधान का आह्वान

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चम्पावत: उत्तराखंड राज्य के उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशन में प्रदेश के सभी जनपदों, अधीनस्थ न्यायालयों, राज्य एवं जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोगों तथा पारिवारिक न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाना है। इस आयोजन का उद्देश्य विभिन्न प्रकार के लंबित मामलों का त्वरित और आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण करना है।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जनपद चंपावत में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन दिनांक 14 मार्च 2026, द्वितीय शनिवार को किया जाएगा। यह लोक अदालत सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी, जहां बड़ी संख्या में मामलों की सुनवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस लोक अदालत में विशेष रूप से कई तरह के मामलों का निस्तारण आपसी सहमति के आधार पर किया जाएगा। इनमें शमनीय फौजदारी मामले, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, भरण-पोषण संबंधी वाद, बैंक वसूली एवं एन.आई. एक्ट की धारा 138 से संबंधित प्रकरण, पारिवारिक एवं वैवाहिक विवाद, श्रम संबंधी वाद, भूमि अर्जन से जुड़े प्रकरण, दीवानी, राजस्व एवं अन्य सहायक वाद, वेतन, भत्ते एवं सेवानिवृत्ति संबंधी मामले, विद्युत एवं जलकर बिल विवाद, उपभोक्ता मामले तथा मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत सामान्य यातायात चालान शामिल हैं।

आम जनता से अपील की गई है कि जो भी व्यक्ति अपने लंबित मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित करवाना चाहते हैं, वे किसी भी कार्यदिवस में 13 मार्च 2026 तक संबंधित न्यायालय में आवेदन कर सकते हैं। यह आवेदन स्वयं अथवा अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रार्थनापत्र देकर मामलों को सुनवाई के लिए नियत करवाया जा सकता है।

अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए आवेदक उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल अथवा संबंधित जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों से संपर्क स्थापित कर सकते हैं।

जिलाधिकारी ने जनपद के निवासियों से आग्रह किया है कि वे इस महत्वपूर्ण अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने जोर दिया कि आपसी सहमति से लंबित प्रकरणों का निस्तारण करके न्याय सुनिश्चित किया जा सकता है और समय की बचत भी होगी।

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