उत्तराखंड में 29 जून को दस्तक देगा मानसून, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भारी बारिश की चेतावनी

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उत्तराखंड: उत्तराखंड में मानसून का इंतजार समाप्त होने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार, प्रदेश में 29 जून को दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन की संभावना है। मानसून से पहले प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और मैदानी इलाकों में उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की पहली दस्तक पिथौरागढ़ और बागेश्वर जनपदों में हो सकती है। इन दोनों जिलों के लिए 29 जून को गरज-चमक के साथ भारी वर्षा तथा वर्षा के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के अन्य पर्वतीय जिलों में भी तेज बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि 29 जून को प्रवेश करने के उपरांत मानसून धीरे-धीरे प्रदेश के अन्य जिलों में फैलेगा और अगले तीन से चार दिनों में पूरे उत्तराखंड को अपनी जद में ले लेगा। इसके बाद प्रदेश में व्यापक मानसूनी बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे गर्मी और उमस से लोगों को निजात मिलेगी।

इस वर्ष मानसून के सबसे पहले पिथौरागढ़ और बागेश्वर पहुंचने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में मानसून ने सबसे पहले चंपावत जिले में दस्तक दी थी।

मौसम विभाग की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए, राज्य आपदा प्रबंधन तंत्र को भी सतर्क कर दिया गया है। जिला प्रशासनों और संबंधित विभागों को संभावित भारी बारिश, भूस्खलन और नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि के प्रति सचेत रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मानसून के आगमन से पूर्व, प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में प्री-मानसून बारिश जारी रहने का अनुमान है। 26 जून को पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। 27 जून को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश तथा गर्जन की संभावना है, जबकि अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में बहुत हल्की बारिश हो सकती है। 28 जून को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश तथा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है, वहीं अन्य जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।

29 जून को पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा, आकाशीय बिजली चमकने और वर्षा के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर होने की चेतावनी जारी की गई है। राज्य के अन्य पर्वतीय जनपदों में भी तेज बारिश, गर्जन और बिजली चमकने की संभावना है। 30 जून को राज्य के अधिकांश जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की उम्मीद है। इस दौरान तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।

1 जुलाई को उत्तराखंड के सभी जनपदों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और गर्जन के साथ बारिश होने का अनुमान है। लगातार बारिश के कारण अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

आगामी मानसून सीजन के दौरान संभावित चुनौतियों को देखते हुए राज्य सरकार ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं। पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में खाद्यान्न आपूर्ति सुचारू रखने के उद्देश्य से जुलाई, अगस्त और सितंबर माह के लिए एक साथ राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। सरकार के निर्देशानुसार, 1 जुलाई से त्रैमासिक राशन वितरण अभियान शुरू किया जाएगा, ताकि बरसात के दौरान संपर्क मार्ग बाधित होने की स्थिति में भी लोगों को खाद्यान्न की कमी का सामना न करना पड़े।

उत्तराखंड में मानसून की दस्तक कुछ ही दिनों में होने वाली है। जहां एक ओर लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं भारी बारिश, भूस्खलन और आकाशीय बिजली जैसी चुनौतियों के मद्देनजर प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। मानसून के साथ ही प्रदेश में बारिश का लंबा दौर शुरू होने जा रहा है, जिसका असर जुलाई के पहले सप्ताह से पूरे राज्य में देखने को मिल सकता है।

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