
चम्पावत – जनपद चम्पावत के ग्रामीण क्षेत्रों में जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, प्रभावी जनसुनवाई तथा सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से विकासखंड चम्पावत के ग्राम नरसिंह डांडा में जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। यह चौपाल शासन की उस सोच को साकार करती दिखाई दी, जिसमें कहा गया है — “आज शिकायत, कल एक्शन।”
रात्रि चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं, सुझावों तथा आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना। चौपाल का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि उनका तत्काल समाधान सुनिश्चित करना रहा।
भूमि एवं बुनियादी सुविधाओं की समस्याएं प्रमुख
ग्रामीणों ने सबसे पहले गांव में व्याप्त भूमि संबंधी समस्याओं को सामने रखा। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश देते हुए कहा कि मामलों की शीघ्र जांच कर विधिसम्मत समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
ग्रामीणों द्वारा गांव में इंटर कॉलेज, अम्बेडकर भवन, बारात घर, दो ज्ञान सेतु, पंचायत घर की मरम्मत, पेयजल संकट के समाधान तथा तारबाड़ (फेंसिंग) की मांग भी रखी गई। इन सभी मांगों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को आवश्यक कार्यवाही कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
खेल, स्वास्थ्य और शिक्षा को मिला बढ़ावा
ग्रामीण युवाओं और बुजुर्गों द्वारा ओपन जिम तथा खेल मैदान की मांग पर जिलाधिकारी ने इसे प्राथमिकता देते हुए खंड विकास अधिकारी चम्पावत को तत्काल कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को अगले ही दिन स्थल निरीक्षण करने के निर्देश भी जारी किए गए।
गांव में लाइब्रेरी निर्माण की मांग पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा और ज्ञान के विकास के लिए पुस्तकालय अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि अगले ही दिन से प्रक्रिया प्रारंभ कर अविलंब लाइब्रेरी निर्माण सुनिश्चित किया जाए।
आपदा प्रभावितों को राहत के निर्देश
चौपाल के दौरान आपदा से प्रभावित विनोद कुमार, ललित कुमार सहित अन्य ग्रामीणों के नुकसान का आकलन कर आवश्यक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा प्रभावित परिवारों को सरकार की योजनाओं के अंतर्गत शीघ्र सहायता मिलनी चाहिए।
नवीन कुमार की पत्नी के आवास को भू-कटाव से हुए नुकसान की शिकायत पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को बुधवार तक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही परिवार को तत्काल सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने अथवा आवास सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर विशेष फोकस
पुष्पा देवी, पत्नी स्व. दीपक कुमार को गौशाला उपलब्ध कराने के निर्देश प्राथमिकता के आधार पर दिए गए।
वहीं 63 वर्षीय लक्ष्मी दत्त की वृद्धावस्था पेंशन न लगने की शिकायत पर समाज कल्याण अधिकारी को सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर पेंशन तत्काल चालू करने तथा लाभार्थी को सूचना देने के निर्देश दिए गए।
दिव्यांग प्रमाण पत्र हेतु शिविर के निर्देश
गांव में दिव्यांग प्रमाण पत्र न बनने की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को गांव में विशेष शिविर लगाने अथवा पात्र व्यक्तियों के लिए जिला मुख्यालय तक वाहन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी दिव्यांग नागरिक को परेशानी न हो।
ठंड से राहत, जरूरतमंदों को कंबल वितरण
रात्रि चौपाल के दौरान जिलाधिकारी द्वारा जरूरतमंद ग्रामीणों को कंबल वितरित किए गए। उन्होंने कहा कि शीतकाल में किसी भी जरूरतमंद को असहाय न छोड़ा जाए और प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करे।
प्रशासन और जनता के बीच मजबूत संवाद
रात्रि चौपाल में ग्राम प्रधान चंचला देवी, उपजिलाधिकारी अनुराग आर्या, खंड विकास अधिकारी अशोक अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि रात्रि चौपाल शासन-प्रशासन और जनता के बीच विश्वास की सेतु है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चौपाल में प्राप्त प्रत्येक शिकायत को समयबद्ध तरीके से निस्तारित किया जाए और उसका फीडबैक ग्रामीणों को दिया जाए।
निष्कर्ष
नरसिंह डांडा में आयोजित रात्रि चौपाल यह साबित करती है कि यदि प्रशासन संवेदनशीलता, तत्परता और ईमानदारी से कार्य करे, तो ग्रामीण समस्याओं का समाधान गांव में ही संभव है। यह चौपाल जनपद चम्पावत में सुशासन और जनसरोकारों की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखी जा रही है।