
अल्मोड़ा: जिला पंचायत अल्मोड़ा की एक महत्वपूर्ण बैठक जिला पंचायत सभागार में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैडा ने की। बैठक में जनपद के विकास कार्यों, आगामी वित्त वर्ष के लिए बजट आवंटन, विभिन्न योजनाओं की प्रगति समीक्षा तथा जनहित से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान, सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और प्रस्तावित विकास कार्यों से संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत किए। इन प्रस्तावों पर गहन चर्चा के बाद, संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। साथ ही, सभी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।
इस बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अनुमानित 74 करोड़ रुपए का बजट सर्वसम्मति से पारित किया गया। जिला पंचायत की आय को बढ़ाने के उद्देश्य से, परिसंपत्तियों के सुदृढ़ीकरण का एक प्रस्ताव भी अनुमोदित हुआ। इसके अलावा, जिला पंचायत की परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनकी तारबाड़ करने के विषय पर भी सदस्यों के बीच सहमति बनी। आय वृद्धि के एक अन्य उपाय के रूप में, परिसंपत्तियों को लीज पर दिए जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सेवाओं, जैसे सड़क कनेक्टिविटी, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया। सदस्यों ने यह भी सुनिश्चित करने की बात कही कि सभी विकास कार्यों का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक अवश्य पहुंचे।
जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैडा ने सभी संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत की गई समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिला पंचायत जनपद के सर्वांगीण विकास के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है, और इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु सभी विभागों को परस्पर समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों और समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर संज्ञान में लिया जाए और उनके समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जागेश्वर विधायक मोहन सिंह मेहरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह नेगी, जिला पंचायत सदस्यगण, विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी और अन्य उपस्थित जन प्रतिनिधि मौजूद रहे।