अयोध्या: राम मंदिर में ध्वजारोहण कार्यक्रम की तैयारियां तेज़, पीएम मोदी होंगे विशेष अतिथि

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अयोध्या।
अयोध्या के राम मंदिर परिसर में होने वाले आगामी ध्वजारोहण कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने की दिशा में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने सोमवार को बताया कि यह कार्यक्रम देश के गौरव और आस्था का प्रतीक बनने जा रहा है।

मिश्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या आने की संभावना है। वे मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण करेंगे और ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि “सभी प्रस्तावित कार्यक्रमों को सुझाव के रूप में प्रधानमंत्री कार्यालय भेजा जाएगा। वहां से जो दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उनके अनुरूप कार्य किया जाएगा।”

🔹 मंदिर परिसर में सौंदर्य और हरियाली पर जोर

राम मंदिर निर्माण समिति के अनुसार, अब अधिकांश निर्माण कार्य पूर्णता की ओर हैं। फिलहाल परिसर के सौंदर्यीकरण, पौधारोपण और संग्रहालय निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मिश्रा ने बताया कि आईआईटी चेन्नई की सहायक संस्था ‘प्रवर्तन’ को संग्रहालय की टेक्नोलॉजी और डिस्प्ले डिजाइन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
यह परियोजना करीब 50 करोड़ रुपये की है और ‘प्रवर्तन’ संस्था को कार्य के आरंभ से लेकर अंत तक पूरी जिम्मेदारी दी जाएगी।

🔹 रक्षा मंत्रालय की देखरेख में होगी पताका स्थापना

मिश्रा ने बताया कि मंदिर के शिखर पर फूल-प्रूफ पताका (ध्वज) लहराने की तकनीकी जिम्मेदारी रक्षा मंत्रालय को सौंपी गई है। मंत्रालय के विशेषज्ञ दल ने इस प्रक्रिया की तकनीकी समीक्षा भी शुरू कर दी है ताकि 25 नवंबर को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में कोई बाधा न आए।

🔹 केसरिया ‘ओम’ ध्वज से सजेगा मंदिर परिसर

राम मंदिर के साथ-साथ लक्ष्मण मंदिर और परकोटा के छह मंदिरों के शिखरों पर भी ध्वज लहराए जाएंगे। यह केसरिया रंग का ध्वज होगा, जिस पर ‘ॐ’ का चिन्ह अंकित रहेगा। यह ध्वज नायलॉन पैराशूट फैब्रिक से बने होंगे, जिससे वे हर मौसम में मजबूती से लहराते रहें।

🔹 ध्वजारोहण का शुभ मुहूर्त और दर्शन व्यवस्था

ध्वजारोहण का शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजे से 12:30 बजे के बीच निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम की अवधि लगभग तीन घंटे की रहेगी। आमंत्रित श्रद्धालुओं को प्रधानमंत्री के प्रस्थान के बाद भगवान श्रीराम के दर्शन की अनुमति दी जाएगी।
अन्य श्रद्धालु सामान्य रूप से अगले दिन से दर्शन कर सकेंगे। कार्यक्रम के दिन के लिए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को सौंपी गई है।

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