उत्तराखण्ड सहित 19 राज्यों में 29 मई से शुरू होगा विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम

Responsive example

देहरादून: भारत निर्वाचन आयोग ने तीसरे चरण के अंतर्गत उत्तराखण्ड सहित 19 राज्यों के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की घोषणा कर दी है। इस कार्यक्रम के विस्तृत विवरण के अनुसार, उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान इस आगामी अभियान के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम के निर्देशन में इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में, अभियान की शुरुआत 29 मई से होगी। 29 मई से 7 जून 2026 तक गणना प्रपत्रों की छपाई और संबंधित कर्मचारियों के प्रशिक्षण का कार्य संपादित किया जाएगा। इसके उपरांत, 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। इस दौरान बीएलओ द्वारा गणना प्रपत्रों का वितरण और उनका संकलन सुनिश्चित किया जाएगा। उत्तराखण्ड में 14 जुलाई 2026 को मतदाता सूची के ड्राफ्ट रोल का विधिवत प्रकाशन किया जाना निर्धारित है।

निर्धारित समय सारणी के अनुसार, 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच नागरिकों को मतदाता सूची पर अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया है। इन प्राप्त नोटिसों, दावों और आपत्तियों का निस्तारण 10 जुलाई से 11 सितंबर 2026 के मध्य किया जाएगा। आयोग के निर्देशों के पालन में 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा। मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए प्रत्येक बूथ पर एब्सेंट, शिफ्टेड और डेथ (एएसडी) सूची भी तैयार की जा रही है ताकि पूरी प्रक्रिया को गहनता से पूर्ण किया जा सके।

वर्तमान में उत्तराखण्ड में कुल 11,733 पोलिंग बूथ हैं, जिसके सापेक्ष राजनैतिक दलों द्वारा अब तक 21,808 बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) की तैनाती की गई है। निर्वाचन कार्यालय ने सभी दलों से शत-प्रतिशत बूथों पर बीएलए नियुक्त करने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही, आगामी अप्रैल माह से प्रदेश में सघन डोर-टू-डोर अभियान चलाकर उन बूथों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जहां मैपिंग का स्तर कम है। इस पहल का उद्देश्य बूथ मैपिंग के कार्य को निर्धारित समय में पूर्ण करना है।

मतदाताओं की सुविधा बढ़ाने के लिए निर्वाचन आयोग ने ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ का नया फीचर उपलब्ध कराया है। इस सुविधा के माध्यम से मतदाता निर्वाचन आयोग की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर अपने बीएलओ के साथ संवाद के लिए समय बुक कर सकते हैं। कॉल बुक होने के दो कार्यदिवसों के भीतर बीएलओ द्वारा स्वयं मतदाता से संपर्क किया जाएगा। इस पत्रकार वार्ता के दौरान सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास और मीडिया नोडल रवि विजारनियां भी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *