
चम्पावत – उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जनपद चम्पावत स्थित ऐतिहासिक एवं आस्था के प्रमुख केंद्र रणकोची मंदिर के पुनर्निर्माण और पर्यटन अवस्थापना विकास के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा ₹4.57 करोड़ की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय से न केवल मंदिर का संरक्षण सुनिश्चित होगा, बल्कि क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
परियोजना को मिली प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति
राज्य सरकार द्वारा यह स्वीकृति उत्तराखंड परियोजना विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड, देहरादून द्वारा प्रस्तुत आगणन के सापेक्ष दी गई है। कुल स्वीकृत धनराशि ₹4.57 करोड़ है, जिसमें से वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान प्रथम किश्त के रूप में 40 प्रतिशत राशि यानी ₹1.82 करोड़ जारी करने की भी अनुमति प्रदान की गई है। इससे परियोजना के कार्य शीघ्र प्रारंभ होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
रणकोची मंदिर का होगा संरचनात्मक पुनर्निर्माण
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत रणकोची मंदिर के संरचनात्मक पुनर्निर्माण, सौंदर्यीकरण और संरक्षण के कार्य किए जाएंगे। समय के साथ मंदिर की संरचना पर पड़े प्रभावों को दूर करते हुए इसे मजबूत और सुरक्षित बनाया जाएगा, ताकि आने वाले वर्षों तक यह धार्मिक आस्था का केंद्र बना रहे।
मंदिर परिसर को पारंपरिक स्थापत्य शैली और आधुनिक तकनीक के समन्वय से विकसित किया जाएगा, जिससे इसकी ऐतिहासिक पहचान भी बनी रहे और सुविधाएं भी बेहतर हों।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं
परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य रणकोची मंदिर परिसर को श्रद्धालु एवं पर्यटक-अनुकूल बनाना है। इसके अंतर्गत कई आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं—
मंदिर तक पहुंच के लिए सुगम पथ निर्माण
परिसर में बेहतर प्रकाश व्यवस्था
स्वच्छता सुविधाएं एवं शौचालय
श्रद्धालुओं के लिए प्रतीक्षालय
दिशा-निर्देशन हेतु संकेतक बोर्ड
पेयजल व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं
इन सुविधाओं के विकसित होने से दर्शन व्यवस्था अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकेगी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
रणकोची मंदिर के पुनर्निर्माण और अवस्थापना विकास से चम्पावत जिले में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की संभावना है। मंदिर की बेहतर सुविधाएं और सौंदर्यीकरण देश-विदेश से अधिक संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करेगा।
पर्यटन बढ़ने से क्षेत्र की पहचान एक प्रमुख धार्मिक-पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित होगी, जिससे चम्पावत को राज्य और राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा लाभ
इस परियोजना का प्रभाव केवल धार्मिक या सांस्कृतिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक भी होगा। पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से होटल और होम-स्टे व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा
स्थानीय परिवहन सेवाओं की मांग बढ़ेगी
हस्तशिल्प, स्मृति-चिन्ह और स्थानीय उत्पादों की बिक्री में इजाफा होगा
दुकानदारी और अन्य स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे
इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, जिससे पलायन जैसी समस्याओं को भी आंशिक रूप से रोका जा सकेगा।
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में अहम कदम
रणकोची मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि जनपद चम्पावत की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है। इस परियोजना के माध्यम से मंदिर के संरक्षण और संवर्धन को सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे आने वाली पीढ़ियां भी इस धरोहर से जुड़ सकें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे ऐसे प्रयास यह दर्शाते हैं कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए विकास को आगे बढ़ाया जा रहा है।
दीर्घकालीन विकास को मिलेगा बल
रणकोची मंदिर को एक सुविकसित धार्मिक-पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने से चम्पावत जिले में दीर्घकालीन विकास को बल मिलेगा। बेहतर पर्यटन ढांचा, बढ़ती आर्थिक गतिविधियां और रोजगार के अवसर क्षेत्र की आर्थिक सुदृढ़ता में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
कुल मिलाकर, ₹4.57 करोड़ की यह परियोजना न केवल रणकोची मंदिर के पुनर्निर्माण का माध्यम बनेगी, बल्कि यह चम्पावत जिले के समग्र विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।