
चम्पावत – सीमांत गांवों के पशुपालकों को मिलेगा सीधा लाभ, बॉर्डर आउट पोस्टों पर होगी स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति
वाइब्रेंट विलेज योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में जनपद चम्पावत में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पशुपालन विभाग, चम्पावत एवं 5वीं बटालियन सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), चम्पावत के मध्य आईटीबीपी की तर्ज पर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस एमओयू के अंतर्गत नेपाल सीमा से लगे सीमांत गांवों में स्थित एसएसबी की बॉर्डर आउट पोस्टों को स्थानीय पशुपालकों द्वारा जिंदा बकरी, भेड़, मुर्गियां एवं मछली की नियमित आपूर्ति की जाएगी। इस पहल से न केवल स्थानीय पशुपालकों को स्थायी आय का स्रोत उपलब्ध होगा, बल्कि युवाओं को पशुपालन एवं मत्स्य पालन से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण प्रोत्साहन मिलेगा।

यह समझौता 5वीं बटालियन एसएसबी, चम्पावत के कमांडेंट श्री सुरेन्द्र विक्रम एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, चम्पावत डॉ. वसुंधरा द्वारा संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित किया गया।
अधिकारियों ने कहा कि इस पहल से सीमांत क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को मजबूती, स्थानीय आजीविका सृजन तथा वाइब्रेंट विलेज योजना के उद्देश्यों की पूर्ति सुनिश्चित होगी, जिससे सीमावर्ती गांवों में विकास की गति को नया आयाम मिलेगा।